"मैं जैसे साल-भर जीता रहा अब वैसे नहीं जियूँगा, यह दिन मेरा पुनः जन्म होगा।" यह सीख मुझे इस पुस्तक से मिली, जिसने मुझे सिखाया कि व्यावहारिक जीवन में मैं कृष्णत्व को कैसे उतार सकता हूँ।