
“ॐ नमः शिवाय” किताब शिव के बारे में हमारी पारंपरिक धारणाओं को एक नए और गहरे नजरिए से देखने का अवसर देती है। इसे पढ़ते हुए मुझे एहसास हुआ कि शिव को केवल एक देवता के रूप में नहीं, बल्कि एक अवस्था के रूप में समझना चाहिए। किताब बहुत सरल भाषा में यह समझाती है कि ‘शिव’ का अर्थ है शून्यता, शांत मन और अहंकार से मुक्त होना। यह दृष्टिकोण मेरे लिए काफी नया और सोचने पर मजबूर करने वाला था। लेखक ने कई उदाहरणों ...