सम्बंधों को सार्थक और प्रेमपूर्ण बनाना है तो यह पुस्तक जरूर पढ़ें।
हमने सम्बंधों की सारी परिभाषाएँ बहुत गलत जगहों से ली है अगर हमारे सम्बन्ध गलत आधार पर खड़े हैं तो उनमें हिंसा तो रहेगी ही।
इसलिए पहले समझना जरूरी है कि सम्बन्ध किस से और क्यों बनाना है।