
पहले मेरे सारे संबंध सिर्फ नाम, कामना, डर, लालच और सुरक्षा के दायरे में ही कैद थे जिससे भी रिश्ता होता उसे बस कामना, भोग की दृष्टि से देखती लेकिन जबसे ये बुक पढ़ी है ,संबंधों में मधुरता, प्रेम,आने लगा हैं,अब दूसरों से संबंध भोग का नहीं बल्कि उसे सही, उच्चतम ज्ञान तक लाने के लिए बनाती हूँ 😊