
उसी से रिश्ता बनाना जो या तो तुम्हें संसार का सार दिखाती हो या तुम्हारा तुमसे परिचय करता हो। ऐसा दर्पण हो जिसमें तुम्हारा शक्ल साफ नजर आती हो और किसी से रिश्ता मत बना लेना। अजीब जिंदगी जीती थी पहले,सोचती थी जीवन में जितने ज्यादा लोग रहेंगे उतना ही जीवन सफल होगा।ये अहंकार भी न क्या क्या खेल खेलता है।