
सम्बन्ध” किताब ने मेरे लिए रिश्तों को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल दिया। पहले मैं सम्बन्धों को सिर्फ भावनाओं, अपेक्षाओं और जिम्मेदारियों के रूप में देखता था, लेकिन इस किताब ने समझाया कि सच्चे सम्बन्ध की जड़ हमारी अपनी समझ में होती है। किताब बहुत सरल भाषा में यह स्पष्ट करती है कि हम अक्सर अपने खालीपन को भरने के लिए रिश्ते बनाते हैं, और यही कारण है कि उनमें टकराव और दुख पैदा होता है। मुझे खास तौर पर...