
🙏 जा मारग साहब मिले प्रेम कहावे सोय ♥️ ये आचार्य जी की उन पुस्तकों में से है जिसका शीर्षक मात्र ही जैसे पर्याप्त है मन को ये बताने के लिए कि जो कुछ भी आज तक प्रेम के बारे में सुना है सब झूठा ही है। 🤘 इस पुस्तक को पढ़ने पर bollywood और समाज द्वारा बताई गई प्रेम की उपभोक्तावादी छवि पर जैसे आघात सा लगता है। 😉 कई बार जो लोग आचार्य जी का विरोध करते हुए प्रतीत होते हैं मुझे लगता है कि उनकी असली खु...