
आचार्य जी की ही देन है कि जान पाया कि प्रेम के नाम पर कितना गलीच समाज में फैला है प्रेम का आधा प भी किसी को भी पता और सब प्रेमी कहते है अपने आप को

जब आपने खुद ही माना कि आचार्य जी की वजह से ही आप सही प्रेम को जान पाए तो फिर रेटिंग में केवल 4 ही सितारे क्यों दिया आपने