फिल्मों वाला प्यार, लड़का लड़की वाला प्यार। बस यही पता था कि जब कोई किसी को दिल से चाहे तो उसे प्यार कहते हैं, तब न दिल का पता था, न चाहत का। मैं भी सोचती थी कि मुझे भी बहुत प्यार है अपने कल्पनाओं के कृष्ण से, कहानियों वाले कृष्ण से। इस पुस्तक में मुझे असली प्रेम का मतलब समझाया कि निरंतर ऊंचाई की और बढ़ते जाना ही प्रेम है। प्रेम देह की बात नहीं है कि एक उम्र आई, रसायनों ने अपना काम करना शुरू कर द...