
एक अनूठा ग्रंथ जो देवी के तीन विभिन्न रूपों पर , देवताओं और दानवों पर केंद्रित है। राजा और व्यापारी के सवालों का उत्तर ऋषि ने तीन चरित्रों में वर्णित कहानियों के माध्यम से दिया किंतु पढ़ने में किसी भी पाठक को ये कहानियां बाहरी और कोई दूसरी दुनिया की प्रतीत हो सकती हैं लेकिन आचार्य जी ने सरल भाषा में इन कहानियों का अर्थ वो भी वेदांत की दृष्टि में दिया है। जो कहानियां बाहरी दिखती हैं लेकिन हैं भीतर...