
प्रकृति को समझना अहम को समझना एक ही बात है। प्रकृति की व्यापकता हमको व्यापकता प्रदान करता है। हमारी व्यापक समझ प्रकृति को व्यापकता प्रदान करती है। हमारी छुद्रता ही प्रक्षेपित होकर प्रकृति के प्रति छुद्र बनती है। वास्तव में प्रकृति हमें सारे चुनाव का अधिकार देती है जिससे हम निर्मित होते हैं। शुद्धता का विकल्प हमें परस्पर उचित संबंध प्रदान कर मुक्ति प्रदान करती है जबकि विरोधी संबंध बंधन और विनाश की ...