
जहां अज्ञानता और अपूर्णता होती है डर सिर्फ वही आता है। जब आप खुद को समझने लगेंगे सत्य को समझने लगेंगे डर अपने आप खत्म होते जाएगा तो सवाल यहां पर यह नहीं है की हमें डर लगता है सवाल यहां पर यह है कि हमें डर क्यों लगता है इसका जवाब साफ है हमारे अंदर अज्ञानता है समझ के साथ ही डर खत्म हो जाता है।