
ये किताब पढ़ने के बाद मुझे समझ आया कि हमारे जीवन के कितने सारे निर्णय डर की वजह से लिए जाते हैं । Career से लेकर life partner चुनने तक। हम अपना पूरा जीवन डर - डर के ही जीते हैं। अगर हम इस डर से पार पा ले तो जीवन बहुत बेहतर हो सकता है। इस किताब में आचार्य जी डर को समझाते हुए उसकी तह तक जाते हैं और हर तरह के डर पर बात करते हैं। इस किताब को पढ़ने से पहले मेरे जीवन में बहुत डर थे जैसे मौत का डर, अक...