
दो तरीक़े हैं दुनिया को जानने के ताकि डर से मुक्ति मिल सके – या तो वो सब वस्तुएँ जान लो जो दिखाई पड़ती हैं बाहर, या उसको जान लो जो उन वस्तुओं को देखता है। जिन भी लोगों को संसार से आसक्ति होती हो या संसार से भय लगता हो, उनकी आसक्ति और भय दोनों को ही मिटाने के मात्र दो ही तरीक़े हैं – या तो दुनिया को जान लो क्योंकि दुनिया ही तुम्हें हैरान-परेशान कर रही है। कभी खींचती है, कभी रुलाती है। या उसको जान ल...