
अपरोक्षानुभूति पढ़ते समय मुझे महसूस हुआ कि वेदांत जैसे गहरे विषय को भी सही मार्गदर्शन के साथ आसानी से समझा जा सकता है। यह किताब जटिल शास्त्रीय ज्ञान को बहुत सरल और स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करती है। आचार्य प्रशांत ने इसमें आत्मा, सत्य और ज्ञान जैसे विषयों को इस तरह समझाया है कि वे केवल सैद्धांतिक न लगकर जीवन से जुड़े हुए प्रतीत होते हैं। पढ़ते समय कई बार ऐसा लगा कि ये बातें केवल पढ़ने के लिए नहीं, ...