
🥰 आज मेने ' Real Gold ' खरीदा है। आचार्य जी : सुनने वाला बदलता है, कहने वाला एक ही रहता है। 'अर्जुन, कोई समय नहीं था जब तुम नहीं थे या मैं नहीं था। ये गीता मैंने न जाने पहले भी कितनी बार कही है, और तुम्हीं से कही है।' सत्य तो एक ही होता है न? जब भी सत्य बोला गया है, वो एक ही बात है जो बोली गई है। बस चूँकि सुनने वाले अलग-अलग होते हैं और अपनी सीमाओं में बँधे होते हैं, इसलिए उनसे अलग-अलग तरीकों से,...