
समय को लेकर पहले से पता था बहुत कुछ स्पष्ट नहीं था कि समय कब कहां किस चीज में लगाना है आचार्य जी के शिक्षा से जुड़ के ही स्पष्टता मिली है, और अब समय कहां जा रहा है कि बहुत रहता है गलत चीजों पर समय नहीं जाना चाहिए हम बहुत व्यस्त चीजों पर समय दे देते हैं फिर कहते कि समय नहीं है हमें देखना है कि हमारा समय जा कहां रहा है बहुत ही लाभदायक रहा है समय पुस्तक मेरे लिए धन्यवाद आचार्य जी