
हम कौन हैं? समय क्या है? जीवन जीना मतलब क्या? जन्म किसका? मृत्यु किसकी? उस कालातित तक कैसे पहुचा जाए ? हमारे शरीर में एक घड़ी बैठी है जो लगतार टिक टिक कर रही है , जो लागातार बता रही है मौत आ रही है , पर बेहोशी के चलते हम भूल ही जाते हैं | इस स्थिति में जो सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न हैं जो हम खुद से पूछना भूल जाते हैं "यू ही ना फिसल ना जाए जिंदगी!"