
हमारी जिंदगी एक मज़ाक है, वास्तव में इसे गंभीरता से लेने की कोई जरुरत नहीं, इसे सहजता से जीना ही सच्चा और उत्कृष्ट जीवन है। परन्तु हम ऐसे लोग कहाँ? हम तो गंभीर, चिंतक और so called 😮 समझदार लोग हैं, फिर हमारी ही भाषा में यह प्यारी सी किताब हमसे बात करती है😄। चलिए छोड़िये इतना बता देता हूँ, मजा आएगा पढ़के, खुद का असली चेहरा देखकर😋।खुद की खोज - आत्मज्ञान : एक व्यंग्यपूर्ण ढंग से। अब क्या comments ही...