
हम सुबह नींद जगने से लेकर रात को सोने तक जिन विचारों से गुजरते हैं, और जैसा जीवन हम जीते हैं—उनसे जुड़े लगभग हर सवाल का उत्तर इस पुस्तक में मिलता है। आचार्य प्रशांत जी ने भगवद्गीता को इतनी सरलता और व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझाया है कि यह हर व्यक्ति के रोज़मर्रा के जीवन में उपयोगी सिद्ध होती है। जैसे अर्जुन के प्रश्न थे, वैसे ही जीवन को लेकर हम सभी के मन में भी प्रश्न होते हैं। हर व्यक्ति आज अर्...