मैने आचार्य प्रशांत जी की दोनों बुक्स पढ़ी है भाष्य 1 और 2। गीता इतना सही और प्रैक्टिकल मीनिंग आज तक मुझे समझ में नहीं आया था।मैने दूसरी भी गीताएं पढ़ी है लेकिन इस गीता में मेरे सारे प्रश्नों के उत्तर दे दिए। अब कोई प्रश्न नहीं बचा। थैंक्यू आचार्य जी मुझे हिंदी के उच्चतम साहित्य तक लाने के लिए।