
गीता भाष्य – भाग 1” पढ़कर मुझे गीता को देखने का एक बिल्कुल नया दृष्टिकोण मिला। पहले मैं इसे केवल एक धार्मिक ग्रंथ समझता था, लेकिन इस किताब ने बताया कि गीता वास्तव में हमारे अपने जीवन के संघर्षों और निर्णयों से जुड़ी हुई है। किताब में अर्जुन और कृष्ण के संवाद को बहुत ही गहराई से समझाया गया है, और उसे आज के जीवन से जोड़ा गया है। इससे यह समझना आसान हो जाता है कि हम भी अपने जीवन में उसी तरह के द्वंद्व...

भाई जान यह है तो धार्मिक ग्रंथ ही पर धर्म के नाम पर गीता का pura distortion karke rakh Diya ine so called orange ड्रेस बलों ने, मैं तो इतने दिनों से प्रभुपद का श्रीमद् भागवत गीता ही पढ़ रहा था पर वहां पर तो अलग ही कुछ चल रहा था.