
मैं भी पहले यही मानता था कि कृष्ण का प्रकट होना कोई चमत्कारी घटना है — किसी विशेष समय पर, किसी विशेष स्थान पर, एक असाधारण व्यक्ति का जन्म, जो अनगिनत सिद्धियों का स्वामी होगा, सभी बुराइयों का नाश करेगा और सतयुग ले आएगा। लेकिन आचार्य जी की इस पुस्तक ने बड़ी सरलता और करुणा से मेरी समझ की परतें खोलीं। उन्होंने मेरी जमी-जमाई धारणाओं को सामने रखकर दिखाया कि मैं कहाँ भटका था, और असल में सत्य क्या है। पढ़...