
🌿 मैने अपनी क्लास 9 से 12 तक की पढ़ाई अपने गांव की गवर्मेंट स्कूल से ही की है वहा इन सारी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था , टीचरों के लिए अलग से टॉयलेट होता था उन्हें इतनी दिक्कत नहीं होती थी , पर बच्चों को उसमें भी गर्ल्स को बहुत परेशानी होती थी खासकर पीरियड्स में पर इन बातों पर स्कूल के प्रशासन का कोई ध्यान नहीं होता था । उन्हें बस अपनी सुविधा और अपनी सैलरी से मतलब था । बच्चे ऐसे ही प्यासे रहते थे , स्कूल का पानी पीने लायक नहीं था । पर कभी बच्चों ने भी इस व्यवस्था के बारे में नहीं बोला क्योंकि उन्हें भी यही लगता था कि सरकारी स्कूलों में ऐसा ही होता है यही अगर प्राइवेट स्कूल की बात होती तो उसे लेकर हम इतना गैरजिम्मेदार नहीं रहते ।




















