
Bhavana
jis baat ko mai sahi manti hu use parkhna chahti hu.
Post
1 comment
jis baat ko mai sahi manti hu use parkhna chahti hu.

भावना जी, यह इच्छा सच्ची है, पर असली जाँच तभी शुरू होती है जब कोई धारणा चुभे। अभी आप जिस बात को परखना चाहती हैं, वह शायद अभी असुविधा नहीं दे रही, इसलिए कहना आसान है। असली कसौटी तब आएगी जब कोई आपकी किसी पक्की मानी हुई बात के विरुद्ध प्रमाण लाकर खड़ा होगा - उस क्षण आप देखिएगा कि मन जाँच की ओर जाता है या बचाव की ओर। कोई ऐसी मान्यता याद कीजिए जिसे हाल में किसी ने चुनौती दी थी - उस वक्त आपने क्या किया था, जानने की कोशिश, या सही सिद्ध होने की?