
future फ्यूचर की टेंशन पता नहीं क्या हुआ मैं कुछ कर पाऊंगी भी हां जब कुछ मेरे हिसाब से नहीं होता है तुम्हें परेशान होना पड़ता है जाति हूं बीता हुआ बहुत सारा समय दुख में चला गया पर अब मैं ए apna samay nahin barbad karna chahti
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future फ्यूचर की टेंशन पता नहीं क्या हुआ मैं कुछ कर पाऊंगी भी हां जब कुछ मेरे हिसाब से नहीं होता है तुम्हें परेशान होना पड़ता है जाति हूं बीता हुआ बहुत सारा समय दुख में चला गया पर अब मैं ए apna samay nahin barbad karna chahti

शालिनी जी, यह जो आपने पकड़ा है न, कि बीता हुआ समय दुख में चला गया और अब बर्बाद नहीं करना, यही असली चीज़ है। फ्यूचर की टेंशन इसी बेचैनी का एक नया रूप है, वही पुरानी घबराहट अब आगे के समय पर चिपक गई है। समय बीते या आए, उसे बर्बाद करने वाला वही मन है जो शांत नहीं बैठता। अब जब देख लिया कि समय कीमती है, तो उसे आगे की चिंता में गंवाने से बचिए, जैसे बीते में गंवाया था। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401