Durga Rathodमेरी निर्भरता का कारण मेरी आर्थिक स्थिति है, और मेरे भीतर उसे देखने की और उससे आगे बढ़ने की नियत है।
Talking Mirror
दुर्गा जी, यह देख पाना ही बड़ी बात है कि निर्भरता कहाँ टिकी है। बस एक बात पर गौर कीजिए, आर्थिक स्थिति सुधर भी जाए तो जो असुरक्षा अभी पैसे से जुड़ी लग रही है, वह गायब नहीं होती, वह बस अपना अगला सहारा ढूंढ लेती है। इसलिए नीयत सिर्फ स्थिति बदलने की नहीं, बल्कि यह देखते रहने की चाहिए कि सुरक्षा की तलाश हर बार किस नए तेल की ओर मुड़ रही है।


















