
30 अगस्त को गोवा में आचार्य जी के साथ Weekend With Master शिविर के दौरान 'प्रोफेन टू प्रोफाउंड' नाम की एक मज़ेदार HIDP (Holistic Individual Development Program) ऐक्टिविटी हुई। हर ग्रुप को एक लोकप्रिय प्रेम गीत दिया गया, जिसे उन्हें दो अलग-अलग अंदाज़ में पेश करना था। पहले राउंड में गीत को 'छिछोरे' अंदाज़ में - यानी उसके सतही और फ़िल्मी रूप में - गाने और नाटक के ज़रिए पेश किया गया। नाटक में हर ग्रुप ने आधे लोगों को माइम यानी बिना बोले हाव-भाव से अभिनय करने का काम दिया, और बाकी आधों को संवाद बोलने का, ताकि दोनों मिलकर एक कहानी बुन सकें। दूसरे राउंड में वही गीत 'बोधपूर्ण' अंदाज़ में पेश करना था- यानी गीत के भीतर छुपे गहरे अर्थ को खोजकर। इस बार दोनों टीमों ने आपस में अपनी भूमिकाएँ बदल दीं। हर प्रस्तुति के बाद ग्रुप के हर सदस्य ने अपनी समझ सबके सामने रखी, और फिर दर्शकों ने उनसे सवाल भी पूछे। देशभर से आए प्रतिभागियों ने इसमें बड़े उत्साह से हिस्सा लिया और खुलकर अपनी बात रखी। शाम को आचार्य जी के साथ संत सरिता सत्र भी हुआ। गोवा में सितंबर भर हर वीकेंड Weekend With Master शिविर होते रहेंगे। इसी कड़ी में 4-5 सितंबर को दो-दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव और 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी उत्सव भी होगा। अक्टूबर में आचार्य जी दिल्ली-एनसीआर लौटेंगे, जब कई Weekend With Master शिविरों के साथ-साथ तीन-दिवसीय दशहरा महोत्सव भी होगा।


















