
✍🏻 पोस्ट 2 | 7 अक्टूबर '26 💭 विषय — ग्लोबल करंट अफेयर्स ────────── 🌑 चांद किसी का नहीं, फिर भी घेरने की होड़ क्यों? 🚀 NASA ने 2030 तक चांद पर 100 किलोवाट का परमाणु रिएक्टर लगाने की योजना का ऐलान किया है। इसे खुलकर "दूसरी स्पेस रेस जीतने" की कोशिश बताया गया। 🇷🇺🇨🇳 रूस और चीन भी मिलकर अपना परमाणु रिएक्टर 2030 के दशक के मध्य तक चांद पर लगाने की योजना बना रहे हैं, एक साझा शोध स्टेशन के हिस्से के तौर पर। ⚠️ यह आशंका जताई जा रही है कि जो भी पहले पहुंचे, वह वहां एक "keep-out zone" (प्रवेश-वर्जित क्षेत्र) जैसी व्यावहारिक स्थिति बना सकता है, जिससे बाकी देशों के लिए वहां पहुंचना मुश्किल हो जाए। यह एक रणनीतिक चिंता है, चांद के किसी हिस्से पर किसी का कानूनी मालिकाना हक़ नहीं बनता। NASA के कार्यकारी प्रशासक ने कहा कि चांद के कुछ अहम हिस्सों पर जो पहले पहुंचेगा, उसे बढ़त मिलेगी, इसलिए रफ़्तार मायने रखती है। 💸 यह ऐलान ठीक उसी समय हुआ जब अमेरिका के प्रस्तावित बजट में NASA की फंडिंग में 24% और स्टाफ़ में करीब एक-तिहाई कटौती का प्रस्ताव रखा गया है, यह अभी प्रस्ताव है, लागू कटौती नहीं। इसी प्रस्ताव में मानव-स्पेसफ़्लाइट का बजट बढ़ाने की बात भी है। 🛰️ पृष्ठभूमि में एक पुरानी बात भी है। अमेरिकी कानून NASA को चीन के साथ सीधे सहयोग से रोकता है, जिसके चलते चीन अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन का हिस्सा नहीं बन पाया और उसने अपना स्वतंत्र स्पेस प्रोग्राम खड़ा किया। 🌙 चांद पर अपना प्रभाव और स्पेस बनाने की बढ़ती होड़ के बीच आउटर स्पेस ट्रीटी 1967 और मून एग्रीमेंट 1979 का महत्व और बढ़ जाता है। ये संधियाँ सुनिश्चित करती हैं कि चांद किसी एक देश की संपत्ति न बने और उसका उपयोग मानवता के हित में हो। 🪞 चांद किसी ने बनाया नहीं, किसी का है भी नहीं। फिर भी वहां एक हिस्सा घेरकर "यह हमारा" कहने की होड़ लगी है। 🤲 यह किसी ऐसी चीज़ को अपना घोषित करने की प्रवृत्ति है, जो कभी अपनी थी ही नहीं। ज़मीन पर भी यही होता रहा है, अब यह ज़मीन से बाहर, चांद तक पहुंच गया है। 😟 "पहले पहुंचना है" वाली जल्दी किसी तुरंत के खतरे से नहीं आती, चांद पर अभी कोई हमला नहीं हो रहा। यह डर है, आगे कभी बाहर कर दिए जाने की आशंका से उठने वाला डर, जो अभी घटा नहीं, पर घट सकता है। यह सब क्षैतिज अक्ष पर हो रहा है। एक नई जगह। एक नई दौड़। एक नया भंडार। पर यह दौड़ वहीं से उठी है जहाँ से हर दौड़ उठती है। 📉 जिस फंड में घर में ही कटौती प्रस्तावित है, उसी से बाहर दौड़ तेज़ की जा रही है। यह दिखाता है कि प्राथमिकता वास्तविक ज़रूरत से नहीं, दूसरे से पीछे न रहने के डर से तय हो रही है। ❓ मैं किसी चीज़ को पाने या घेरने में आमतौर पर कब जल्दी करता हूँ? A) जब डर लगे कि कोई और मुझसे पहले ले लेगा B) जब रुककर देख लूं कि यह चीज़ वाकई मेरी ज़रूरत है C) जब दूसरों को देखकर बस उनकी होड़ में शामिल हो जाऊं 📌 स्रोत: NDTV https://www.ndtv.com/world-news/us-china-and-russia-race-to-build-nuclear-reactors-on-the-moon-report-12137354 Newschannel9 (TNND): Sean Duffy का बयान और बजट प्रस्ताव https://newschannel9.com/news/nation-world/sean-duffy-to-unveil-plan-to-build-nuclear-reactor-on-moon














































