
हाँ, समाज में यह पहले से ही बनाया हुआ है। कल रात ही शादी की बात आई तो मम्मी बोल रही थी कि पहले कोई अच्छी लड़की मिल जाय फिर दोनों बहन भाई की शादी एक साथ ही कर देंगे। मेरा भाई जो अभी 22 साल का है और मैं 20 की, मैने कहा कि मुझे अभी शादी नहीं करनी है मुझे पहले खुद के पैरों पर खड़े होना है। तो मम्मी ने कहा जॉब की तैयारी तो शादी के बाद भी हो सकती है। मैंने कहा लेकिन मैं पहले खुद को समझना चाहती हूं जानना है मुझे खुद को, हम खुद को ही बिना जाने लोगों को क्या जान पाएंगे। और यहां का जो शादी की परंपरा जिसमें लड़के लड़की को पहले परिवार वाले देखते हैं फिर उनकी कुंडली मिलाई जाती है फिर लड़के लड़की को आपस में 10-15 मिनिट मिलने दिया जाता है और पूछते है, लड़का पसंद है? लड़की पसंद आई? अब अगर मना कर देते है तो पूरे घरवाले छाती पर चढ़ने को तैयार रहते है कि कितनी अच्छी लड़की है या कितना अच्छा लड़का है क्यों नहीं करनी शादी? और कारण उनको यह बताओ कि बाहर se देखने से क्या होगा हम उनके बारे में कुछ नहीं जानते, (क्योंकि उनके सामने चेतना की बात करना तो व्यर्थ है, अहंकार वो बात तो समझना ही नहीं चाहता है।) तो कहते है शादी के बाद जानना ही है। तो मैने अपने ही गांव का उदाहरण दिया जिसमें एक लड़की को उसके पति ने कुल्हाड़ी से काटकर मार दिया और फिर खुद ट्रेन के नीचे आकर मर गया। to कहा कि तब क्या समझ लिया और अनेकों ऐसे उदाहरण है जिनमें शादी करने के 1 साल बाद ही पति पत्नी की आपस में नहीं बनती। तो मैने मम्मी से पूछा कि आप जिस समाज का कहकर शादी करने को कह रही हो जब लड़की पर अत्याचार होता है तो कहां जाता है समाज? उस समय कोई जवाब नहीं आया और वो अपने दूसरे काम करने के बहाने से बात टालकर चली गई। जब तक मुझ पर प्रेशर नहीं बनाया जाता शादी का तब तक ठीक है समझाने की कोशिश भी कर रही हूं लेकिन जब प्रेशर बनाया जाएगा तो एक्शन जरूर लेंगे। सत्य की उद्दण्ड औलाद ✍️





















