
bahot saari. lekin y kaise kare bataye ki jo ab dho rahe hai wo sahi bhi h y nahi🌿🌿
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bahot saari. lekin y kaise kare bataye ki jo ab dho rahe hai wo sahi bhi h y nahi🌿🌿

तमन्ना जी, तरीका किसी दूर के सिद्धांत में नहीं, आपके अपने जीवन की छोटी-छोटी बातों में मिलेगा। जो भी मान्यता आप ढो रही हैं, उस पर बस इतना पूछिए - क्या मैंने इसे खुद जाँचा है, या बस इसलिए मान रही हूँ क्योंकि घर-समाज ने बचपन से यही बताया, और न मानने पर कुछ खोने का डर है? जहाँ जवाब में डर, शर्म या किसी की नज़र में गिरने की आशंका दिखे, समझिए वहाँ परंपरा बोल रही है, आपकी अपनी समझ नहीं। एक-एक मान्यता को उठाइए, पूछिए यह किसको फ़ायदा पहुँचा रही है, और क्या बिना इसके मेरा जीना अधूरा रह जाएगा। यही जाँच है, कोई बड़ा फॉर्मूला नहीं। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401