
❓अगर परिस्थितियाँ बदलते ही मेरी पसंद बदल सकती है, तो जिस पसंद को मैं “अपनी” कहता हूँ, उसमें मेरा कितना है? ..🧐बहुत सी ऐसी पसंद होती है जब वो पहले अच्छी लगती है और बाद में परिस्थितियाँ बदलते ही वो पीछे छूट जाती है। पता नहीं क्यूँ ऐसा हुआ है कई बार मेरे साथ अतीत में और अब भी हो जाता है कभी कभी ऐसा। हा लेकिन एक , दो पसंद ऐसी है जों मुझे आज भी अच्छी लगती है। जैसे sunflower 🌻🌻🌻 ये मुझे आज भी बहुत पसंद है । लेकिन पहले में आज में इतना अंतर आया है ,🧐कि पहले मै इसे तोड़कर अपने पास रखना चाहती थी, 😍और कई बार रखा भी है।🙂 लेकिन अब उसकी फोटो क्लिक करके रख लेती हूं।💫💫 अब मैं उसे पौधे से अलग नहीं करना चाहती।🌻☘️ फूल पौधों में ही ज्यादा अच्छे लगते है बजाय हाथों में। ये बात भी मैने आचार्य जी के मेरे जीवन में आने के बाद जानी।📜📚



















