Gudiya singh अपनी धारणाओं को जांचने में अहंकार को डर होता है कहीं मेरी चोरी पकड़ी न जाए,और मेरी सच्चाई सामने न आ जाए ।
Talking Mirror
गुड़िया जी, पकड़ी जाने का डर अपनी जगह सच है, पर ज़रा देखिए कि यह बात कह कर आप कहाँ खड़ी हो गई हैं। जैसे ही यह कहा गया कि "अहंकार को डर होता है", वह अहंकार किसी और का हो गया, जिसे आप बाहर से देख रही हैं। असली सवाल तो यह था कि मैं अपनी किसी धारणा को आज, अभी, परखने से कहाँ बचती हूँ। व्याख्या देना आसान है, उसे अपने ऊपर उतारना मुश्किल। कोई एक मान्यता बताइए जिसे आपने सालों से सही माना है, और पूछिए कि उसे आख़िरी बार कब खुलकर जाँचा था, या सिर्फ दोहराया था।


















