
हम सच में एक दूसरे को ऐसे ही देखते हैं ..... ज़रा सोचिए आचार्य जी जुड़ने के बाद भी हम ...कभी कभी अपनी जुबान फिसलने से रोक नहीं पाते .....जैसे मजाक में किसी को बोले दिया " देख ...कितनी मोटी / मोटा है ।" .....इतना ही नहीं और भी कुछ अपशब्द उपयोग करते हैं ।...और यह केवल मेरी नहीं ...हम सबकी आदत है ...क्योंकि जबतक शरीर रहेगा तब तक कमियां तो रहेंगी ना ......तो जरा सोचिये उन लोगों को मेंटालिटी कैसी होगी जो आचार्य जी को जानते तक नहीं ...... उदाहरण के लिए ...कुछ समय पहले भोजपुरी एक्ट्रेस आम्रपाली जी का एक वीडियो था जिसमें वही एक गाने पर डांस कर रही थी " पतली कमरिया " था शायद .....उसके कमेंट पढ़ लीजिये आप .....क्या क्या कहा गया था उन्हें । जब हम ...ऐसे कुछ सक्सेसफुल लोगों को नहीं बक्शते ....तो सोचिए एक आम लड़की को कैसे छोड़ेंगे .....बस वह इसी चीज से डरती है ....बात केवल शादी की नहीं अपितु ....हमारी नजर और मानसिकता की है ..... किसी को 0 फिगर चाहिए ....तो किसी बजन बढ़ाने में लगा है । अगर वजन घटाना / बढ़ाना है तो ....ये कोई गलत बात नहीं है ....पर अपने स्वास्थ्य के लिए ...अपने व्यक्तित्व के लिए काम करे ये सब ....जिम जाइए । और आपकी सुंदरता आपके ज्ञान ,कौशल ,साहस ,प्रेम ,शक्ति ,जूझना ,आर्थिक शक्ति और आध्यात्म से आती है न कि ....चेहरे और फिगर की सुंदरता से ।



















