Aarti vermamai apane matabl ke liye rista nibhate rhi or use hai pram samjhate rhi par Acharya ji ne ham sabako pram shoka rhe hai mai apki o…
Talking Mirror
आरती जी, आपने खुद लिख दिया, मतलब के लिए रिश्ता निभाना और उसे प्रेम समझ लेना, ये पहचान जाना ही बड़ी बात है। अब ये सवाल मत पूछिए कि लाइव सत्र में आना कब होगा, पता नहीं वाली बात यहाँ नहीं चलती। आपके भीतर जो खिंचाव उठा है वो इंतज़ार के लिए नहीं उठा, वो आज ही किसी नज़दीकी सत्र से जुड़ने के लिए उठा है। तारीख का इंतज़ार मत करिए, अभी एनरोल करना देखिए और सत्र में पहुँचने का रास्ता खोजिए। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401


















