
Sheetal Dive
जिस बात को मैं सही मानती हूं उसकी जांच करना चाहती हूं
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जिस बात को मैं सही मानती हूं उसकी जांच करना चाहती हूं

शीतल जी, यह इच्छा सच्ची हो सकती है, पर जाँचने का असली इम्तिहान तब आता है जब कोई मान्यता आपके सामने चुनौती बनकर खड़ी हो - किसी रिश्ते में, किसी निर्णय में, किसी राय में जिसे आप लंबे समय से पकड़े हुए हैं। अभी यह कहना आसान है क्योंकि अभी कोई विशेष मान्यता दांव पर नहीं है। अगली बार जब कोई आपकी किसी बात को गलत ठहराए, वहाँ देखिएगा कि भीतर पहली प्रतिक्रिया क्या उठती है - सुनने की, या सफ़ाई देने की। वही क्षण बताएगा कि यह इच्छा कितनी गहरी है।