
सही कहा आज जो काम एक बार में एटियम कर दिया है वो हम आज भी नहीं कर पा रहें हैं क्योंकि हमारे पास तो केवल डर ही रह गया है जो आगे आने से हीघबराहट होने लगती है हम तो खुद भी नहीं जानते की ये सब कैसे किया जाए अज्ञानता ही है हमतोअभीतक ये सब नहीं कर पाते है खुद पर भरोसा नहीं होता तो फिर क्या करें इस बात पर हमेशा खुद को ही दोष देते है



















