
Ritu Sharma
kuch samjh na aye to kya Krna chaheye
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kuch samjh na aye to kya Krna chaheye

रितु जी, ये बड़ी ईमानदार बात है। एक सुझाव है, समझ अक्सर एक बार में पूरी नहीं आती, सत्र की रेकॉर्डिंग को दोबारा सुनना, और जो पंक्तियाँ न खुलें उन्हें बार बार पढ़ना, यही रास्ता है। न समझ आना रुकने की वजह नहीं, बल्कि दोबारा लौटने का न्यौता है। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401