
3 साल का महिला से मनुष्य बनने का सफर 🕊️ आज मेरे गीता सत्रों से जुड़े 3 साल हो गए है और इन तस्वीरों से साफ साफ देखा जा सकता है मैं क्या थी और क्या हो गई हू। Before and After लिखने की जरूरत भी नहीं पड़ी। यह तस्वीरें मेरे बाहरी जगत में आए परिवर्तनों को बया कर रही है जो कि भीतरी परिवर्तन का फल है। मेरे साथ के लोगो को जब देखती हू उन्हें वैसा ही पाती हू जैसा वह तीन साल पहले थे लेकिन मैं खुद को नहीं पहचान पाती। उस पुराने सड़े गले जीवन के बारे में सोचने का मन भी नहीं करता। लोग पुराने दिनों को याद करते है, उन्हें फिरसे जीना चाहते है और मुझे उन दिनों में नहीं जाना जहां आचार्य जी जीवन में नहीं है। पहली तस्वीर: जब भी समय मिलता था मम्मी या दादी की कोई साड़ी पहनकर, गहने पहनकर फोटो खींचने लगती थी, सोशल मीडिया में अपनी एक साफ सुथरी अच्छी लड़की की छवि बनाने में व्यस्त थी। बहुत सोचती थी कि लोग क्या सोचेंगे🫠 अब समय निकालकर अकेले बुकस्टॉल जाती हु या फिर बुकस्टॉल के काम करती हू, लोगो क्या सोचेंगे इसके बारे में बहुत कम सोचती हू😅 दूसरी तस्वीर: मैंने कभी नहीं सोचा था मुझे कुर्ते और सलवार के अलावा कुछ और पहनने की परमिशन मिलेगी और साहस नहीं होता था घरवालों को बोलूं कि मुझे जींस टॉप खरीदकर दो। और मैं भी बड़े चाव से यह सब पहनकर, सज धजकर रहती थी। अब शॉर्ट्स पहनकर घूमती हू पूरे घर में🤣 परमिशन वह क्या चीज है😂 wait करती हू कोई बस कुछ आकर उल्टा सीधा बोले और उसे अच्छे से सुना दू 😅 तीसरी तस्वीर: दोनों ही दो यात्रा की तस्वीरें है। एक में मैं ट्रेन तो दूर की बात ऑटो के लिए भी दूसरों के ऊपर निर्भर थी। अकेले कही जाने का सोच भी नहीं सकती थी। संस्कारी लड़की की तरह श्रृंगार और संस्कारी पोशाक पहनकर घूमने जाती थी 🤣🤣 दूसरे में मैंने खुद अपनी टिकट बुक की और घर से अकेले 2800 km दूर WWM के लिए जा रही। इन तीन सालों से मैं खुद हर रोज़ बदलते देख रही हू। जब आसपास के सभी शादी करके कही बस जा रहे है, मैं नई शुरुआत कर रही हू, नई नई कलाएं सीख रही हू, नई नई जगहे घूम रही हू, हर दिन खुदको नया पा रही हू। आपका जितना घन्यवाद करू आचार्य जी उतना कम है।❤️🙏 दुनिया ने मुझे पिंजरा दिया है आपने मुझे आकाश दिया है दुनिया ने मुझे महिला बनाया है आपने मुझे मनुष्य बनाया है दुनिया ने मुझे झुकना सिखाया है आपने मुझे सर उठाकर जीना सिखाया है दुनिया ने जिसको पैदा होते ही मार डाला है उसको आपने नया जन्म दिया है नहीं पता कैसे आपका ऋण चुकाऊंगी खुदको बेहतर करके ही शायद आपको आनंद दे पाऊंगी।।












































