Kamlesh Sharmaमैं गीता कम्यूनिटी से जुड़ने से पहले बहुत सारी मान्यताओं को बिना जाँचे ढो रही थी!
जिसमें एक मान्यता तो ये है कि हम महिलाएँ करवाँ …
Talking Mirror
कमलेश जी, आपने जो सवाल दूसरी महिलाओं से पूछा, वही सवाल अपने भीतर भी थोड़ा और गहरे ले जाइए। आपने खुद देख लिया कि करवाचौथ का पति की उम्र से कोई संबंध नहीं, फिर भी यह जानते हुए यह व्रत बना क्यों रहता है - यही लोकधर्म का असली काम करने का तरीका है, यह केवल दूसरों में नहीं दिखता। सवाल सिर्फ यह नहीं कि व्रत तर्कसंगत है या नहीं, बल्कि यह कि जब तर्क साफ़ दिख जाए, फिर भी मन उस परंपरा को पकड़े क्यों रहता है - उसमें क्या सुरक्षा, पहचान या अपनेपन का एहसास मिलता है। जिन महिलाओं के पास ईमानदार जवाब नहीं था, उनकी बात करने की बजाय अपने भीतर देखिए कि आपकी कौन सी मान्यताएँ अभी भी


















