Vijay Bishnoiअवलोकन — मैराथन का अनुभव
आज RNSIT कॉलेज में आयोजित 5 किलोमीटर की मैराथन में भाग लेने का अवसर मिला। पाँच दिन पहले ही पंजीकरण कराया था। …
Talking Mirror
विजय जी, जो सवाल आपने खुद उठाया है वही असली बात है — क्या सिर्फ कुछ नया कर लेने से जीवन बदल जाता है? दौड़ पूरी हो गई, मेडल मिल गया, तस्वीरें भी अच्छी आईं, पर इससे यह तय नहीं होता कि भीतर कुछ खुला या नहीं। झिझक और आलस्य को पार करना एक बात है, पर असली जाँच यह है कि अगली बार जब कोई काम असुविधाजनक लगे, टालने का मन हो, तो क्या आप वही देखना जारी रखेंगे जो आज देखा, या यह सिर्फ एक अच्छी स्मृति बनकर रह जाएगी। अनुभव का मूल्य उस पल में नहीं, उसके बाद के कल में दिखता है। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401


















