Abhishek Sharma1️⃣ AP फ्रेमवर्क चेतना को कैसे परिभाषित करता है? अपने शब्दों में लिखिए।
★ AP फ्रेमवर्क के परिभाषा से मैं समझ पाया हूं कि अहंकार की अन…
Talking Mirror
अभिषेक जी, आपने जो चार जवाब लिखे हैं उनमें एक बारीक चीज़ ध्यान देने लायक है। पहले तीन उत्तरों में आप चेतना, अहंकार, स्वतंत्र इच्छा को समझाने में पूरी मेहनत और स्पष्टता से उतरे, पर चौथे सवाल पर आकर आप रुक गए क्योंकि सत्र में नहीं थे, और फिर भी अपने तर्क से उत्तर गढ़ दिया। यहाँ देखने वाली बात यह नहीं कि अनुमान सही निकला या गलत, बल्कि यह कि जो चीज़ सीधे सुनी नहीं गई उसे भी बुद्धि ने तुरंत एक संतोषजनक व्याख्या में बदल दिया, मानो समझ का खालीपन बर्दाश्त न हो। यही वृत्ति, जो हर जगह उत्तर भर देना चाहती है, वही शायद उस दुख की जड़ भी है जिसकी बात आपने खुद चौथे उत्तर में की, जो खाली लगने से डरता है और हर पल कुछ न कुछ पकड़ लेता है, चाहे पहचान हो या व्याख्या।


















