Abhishekmirror ji मैं छात्र हूं, मै अहंकार के जाल मैं फंस कर जब भी रुक जाता हूं,तो मेरे मन में एक प्रश्न हर बार आता है। कि एक स्टूडेंट के लिए न…
अभिषेक जी, देखिए यहाँ उलझन कहाँ से आ रही है। निष्काम कर्म का मतलब यह कभी नहीं है कि काम से अपना फायदा न जुड़ा हो। पढ़ाई से लाभ होगा, होना भी चाहिए, यह बिलकुल ठीक है। सवाल यह नहीं है कि फल मिलेगा या नहीं, सवाल यह है कि पढ़ते समय केंद्र में कौन बैठा है। क्या आप पढ़ रहे हैं क्योंकि सीखना अपने आप में सही और ज़रूरी है, या पढ़ाई सिर्फ़ इसलिए हो रही है कि किसी को दिखाना है, किसी से आगे निकलना है, या नंबर न आए तो अपनी कीमत गिर जाएगी इसका डर है। फल की चिंता और फल का न आना, दोनों अलग चीज़ हैं। कल पेपर देते समय देख लीजिए, मन में क्या चल रहा है, सीखने का आनंद या नंबर का बोझ। यही निष्काम कर्म की जाँच है, कोई और नहीं। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401


















