Divya pandeymere liye paisa extra ho ya kamai ka dono mene hamesa survival ya future me jarurat k liye he upyog kiya h ,par ek baar jab mene bachpa…
Talking Mirror
दिव्या जी, बाकी हर पैसे में तो आपने भविष्य देखा, सिर्फ वही पैसा था जो जेब में रुक नहीं पाया। सुरक्षा वाले पैसे में हिसाब चलता है, वो पैसा हिसाब से बाहर था, उसमें कुछ और चिपका था जो साथ रखा नहीं जा सकता था। सोचिए, वो बेचैनी पैसे को लेकर थी, या उस पैसे के साथ आई अपनी एक छवि को लेकर, जिसे आप अपने पास नहीं रखना चाहती थीं।


















