
मैं खुद को कई जगह फंसते हुए पाती हूँ आजादी की कीमत नहीं चुकाती हूँ, मैं app पर जब टेस्ट देती हूँ पूरे दिल से तैयारी नहीं करती थोड़ा सा आराम मिल जाए इस लिए 2. मैं सुबह से 4 बजे तक तो सही से कम करती हूँ पूरे दिल से लेकिन 4 बजे से 6 बजे तक लगातार mobile चलती हूँ अन्दर आराम और संतुष्टि मिलती है उसकी वजा से 2hours बर्बाद कर देती हूँ 3.achary जी jo 10 बजे क्लास लेते है मैं पूरी कोशिश करती हूँ पूरा देखू जब तक श्लोक का अर्थ बताते है तब तक सही से सुनते है जैसे question का time आता मैं सोचती हूँ आराम मिल जाए लेट कर देख लेती हूँ कब सो जाती हूँ पता ही नहीं चलाता 4. कोई ladaka अगर मुझे बोल दिया मैं आप से प्यार karta हूँ मैं मना भी कर दी अभी नहीं करना फिर भी मेरे अन्दर चलाता है मैं उसके साथ गलत की अगर वो दूर जाएगा किसी और ladaki से बोलेगा to मुझे अंदर से दुख होता है कभी पूरी तरह से bolana बंद कर देता है फिर भी दुःख होता है मैं शरीर की स्तर पर ही fashi हुई हूँ Mae देख pa रही हूँ अन्दर की खुशी पाने की चाह में ,शारीरिक आकर्षण', en चीजों में fasi होने के कारण आजादी की कीमत नहीं चुका pa रही हूँ मैं promise करती हूँ इस week एन सब से बाहर निकल कर दिखाएंगी आजादी की कीमत चुकानी



















