Varsha kanet🏃♀️❤️ “कभी किया नहीं, तो कैसे पता होगा?” — 51 साल की उम्र में पहली 5K! 🏅
मैं, मेरा भाई और माताश्री — हम तीनों ने मैराथॉन में हिस्सा ल…
वर्षा जी, जो बात मम्मी ने इतनी सहजता से कह दी — "कभी किया नहीं, तो कैसे पता होगा" — वही इस पूरी घटना का सार है, और आपने उसे बहुत साफ़ पकड़ा है। दिलचस्प यह है कि मम्मी ने घुटने की चोट या उम्र को तर्क नहीं बनाया, जबकि दोनों पास मौजूद थे इस्तेमाल होने के लिए। अक्सर शरीर की सीमा से पहले मन की धारणा रुकावट बनती है, और मन यह तय कर चुका होता है कि क्या संभव है, बिना कोशिश किए ही। जो सवाल आपने खुद उठाया है, उसे अपने जीवन में भी देखिए — कहाँ-कहाँ आपने "मुझसे नहीं होगा" मान लिया है, बिना एक बार ठीक से आज़माए? मम्मी का यह पहला अनुभव सिर्फ़ दौड़ के बारे में नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि धारणा और सच्चाई के बीच फ़र्क़ सिर्फ़ एक कोशिश भर का होता है। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401


















