
kuldip sharma
आप सच में बहुत गलत जगह से बाहर आ गई है कृपया अपनी खराब स्थिति कभी मत भूलियेगा क्योंकि बाहर निकलने पर आपके साथ शुभ ये हुआ कि बुरी स्थिति से बाहर आ गए आप।और खराब स्थिति में तुलना तब आप कर सकते थे कि गटर में पड़े थे बाहर आ गए उस समय खरोंच भी लगी थी बाहर आने में ,तो बुरा नहीं लगा था ,पर अगर अब आपको बाहर निकलने के बाद खरोच लगेगी तो आप परवाह शायद करने लगो क्योंकि कल्पना अब बाधा नहीं पड़ेगी पर तुलना करने के लिए खराब स्थिति उतनी अब दिखेगी नहीं इसलिए अभी बहुत सतर्क रहने की जरूरत है,तुम विचलन से बचना।क्योंकि अब आप यात्रा में आगे निकल गई हो।अब आपका सूत्र है श्रम। जो यात्रा शुरू करने वाला है उसके लिए है श्रद्धा। आप यात्रा में आगे निकल गए है इसलिए श्रम।



















