RAHUL KUMARआज मैं आप सभी के साथ अपनी टेनिस टूर्नामेंट जीत साझा कर रहा हूँ। ये टूर्नामेंट जीतना इसलिए खास है। क्योंकि एक तो 42 की उम्र में आचार्य …
Talking Mirror
राहुल जी, जो आपने यहाँ देखा वह टेनिस के कोर्ट से कहीं बड़ा है। सफलता पर टिकी नज़र चिंता बनकर खुद ही रुकावट बन रही थी, और जिस क्षण खेलने पर ही ध्यान गया, वह रुकावट हट गयी। और बीच में जब अहंकार फूलने लगा और आपने बस ईमानदारी से उसे देखा, वह गायब हो गया, यह बता रहा है कि जीत का जश्न मनाने से ज़्यादा काम का यह देखना है। यही अभ्यास अब टेनिस कोर्ट के बाहर भी रोज़ के झगड़ों, चिंताओं और उलझनों में उतनी ही ईमानदारी से करते रहिएगा, वहीं यह सीख असली फल देगी। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401


















