Priyanka Bhardwaj haa sahi baat mene bhi apne ghar dekha hai bhuk nhi bhi lagti fir bhi khate h or taste h bhi bhut bada role h
Talking Mirror
प्रियंका जी, जो आपने घर में देखा वही पूरी दुनिया की तस्वीर में भी चल रहा है, बस पैमाना बड़ा है। भूख न होने पर भी खाना, स्वाद के लिए खाना - यह शरीर की माँग नहीं है, क्योंकि शरीर तो तृप्त होकर रुक जाता है। जो रुकता नहीं, वह मन की कोई अतृप्ति है जो जीभ के रास्ते पूरी होना चाहती है। अगली बार जब बिना भूख के हाथ थाली की ओर बढ़े, तो बस इतना देख लीजिए कि उस क्षण असली माँग पेट की है या कुछ और चाहिए था जो भोजन से मिलने वाला नहीं।


















