
एक दिन मेरा 5 साल का बेटा मुझ से बोल रहा था कि मम्मा साइकल तो लड़का चलाता है । मेरे किसी दोस्त को उसकी मम्मी साइकल से नही लेने आती है। लड़की थोरे साइकल चलाती है। लड़का साइकल चलाता है। उस दिन मैं देख पाई कितना ज्यादा जरूरी है गीता हम सब के लिए इतना छोटा बच्चा अभी से ये सब नोटिस कर रहा है । अगर मै गीता मे नही होती तो सायद मै भी उसे यही बता रही होती इतना ही नही बहुत सारी चीज़ें है जैसे - इअररिंग, लम्बे बाल, या माला, ड्रेस, सब कुछ मे मेरा बेटा बोलता है ये सब लड़की पहनती है लड़का नही और मै उसकी धाटनाएँ तोड़ने की कोशिश कर रही है। इसमे उसकी भी गलती नही है उसके आस पास फैमली सब जगह ऐसा ही तो चल रहा है।



















